27 अप्रैल 2026 - 19:11
अमेरिका की असीमित मांगों के कारण बातचीत हो रही है विफल

पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मध्यस्थ की अहम भूमिका निभाई, इसलिए ताज़ा हालात पर पाकिस्तानी अधिकारियों से सलाह-मशविरा करना जरूरी था।

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने ईरान-अमेरिका वार्ता में अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाई, लेकिन अमेरिका की जरूरत से ज्यादा मांगों और शर्तों की वजह से बातचीत किसी तार्किक नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। अहले बैत समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री सय्यद अब्बास अराक़्ची ने कहा कि अमेरिका के गलत रवैये और बढ़ी हुई मांगों के कारण पिछले दौर की बातचीत, प्रगति के बावजूद, अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी।

सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान और रूस के बीच हमेशा करीबी बातचीत और संपर्क रहा है, और दोनों देश खासकर क्षेत्रीय मुद्दों पर लगातार चर्चा करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि रमज़ान और युद्ध की स्थिति के कारण कुछ समय के लिए मुलाकातों में रुकावट आई थी, लेकिन अब इस मौके का फायदा उठाते हुए पाकिस्तान और ओमान के दौरे के बाद रूस का दौरा भी किया गया, ताकि इस दौरान युद्ध से जुड़ी ताज़ा स्थिति और घटनाओं पर रूसी अधिकारियों से बात की जा सके।

अराक़्ची ने कहा कि पाकिस्तान और ओमान के दौरे पूरी तरह द्विपक्षीय थे। पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मध्यस्थ की अहम भूमिका निभाई, इसलिए ताज़ा हालात पर पाकिस्तानी अधिकारियों से सलाह-मशविरा करना जरूरी था। उन्होंने आगे कहा कि बातचीत के दौरान कुछ बदलाव हुए, लेकिन अमेरिका के गलत रवैये और जरूरत से ज्यादा शर्तों की वजह से, प्रगति के बावजूद, बातचीत अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी।

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